खुला पत्र:हुसैन व हिंदु


इस वख्त मैं यहां किसी को अपने कर्म से विमुख करने की चेष्टा नहीं रखता हूं, नहीं किसी को कोई पाठ पढाने की कोशिश कर रहा हूं, मैं वही कह रहा हूं जो अब तक समय कहता आया है। नियती के अनुसार सब कर्म करते हैं, कर्म अच्छे या बुरे नहीं होते, अगर वो सिर्फ़ … Continue reading